खबर से असहज हुई खाकी? पत्रकार को देर रात कोतवाल का फोन, वायरल ऑडियो में सवाल— “कहां लूट करवा दी?

आशुतोष त्रिपाठी – हथकिला क्षेत्र की कथित छिनैती की खबर के बाद फोन कॉल का ऑडियो चर्चा में, पत्रकारों ने उठाए सवाल
अमेठी। लोकतंत्र में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ कहा जाता है, लेकिन कभी-कभी यही स्तंभ सवालों के घेरे में आ जाता है—जब खबर दिखाने वाले को ही जवाब देने की नौबत आ जाए। अमेठी में कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक पत्रकार को कथित तौर पर खबर प्रसारित करने के बाद देर रात कोतवाल का फोन आने की बात सामने आई है। इस बातचीत का ऑडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि होलिका दहन की शाम हथकिला क्षेत्र में कथित छिनैती के आरोप की सूचना सामने आई थी। इसी सूचना के आधार पर एक न्यूज चैनल के जिला प्रतिनिधि ने खबर को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया।
खबर प्रसारित होने के कुछ समय बाद कोतवाली प्रभारी रवि कुमार सिंह द्वारा पत्रकार को फोन किए जाने की चर्चा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो में कथित तौर पर एक आवाज पत्रकार से तीखे लहजे में पूछती सुनाई देती है—
“कहां लूट करवा दी?”पांडेय
अचानक आए इस फोन कॉल से पत्रकार भी हैरान रह गया। बातचीत के दौरान पत्रकार की ओर से कहा जाता है कि उसे जो जानकारी मिली थी, उसी आधार पर खबर प्रसारित की गई है। वहीं वायरल ऑडियो में कथित तौर पर यह भी सुनाई देता है—
“चलाओ जितनी खबर चलानी हो…”
हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इसके सामने आने के बाद स्थानीय पत्रकारों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई पत्रकारों का कहना है कि खबर दिखाना मीडिया का दायित्व है। यदि किसी खबर में तथ्यात्मक त्रुटि हो तो प्रशासन की ओर से आधिकारिक खंडन जारी किया जा सकता है, लेकिन फोन कर इस तरह की प्रतिक्रिया देना पत्रकारों पर दबाव की तरह देखा जा सकता है।
पत्रकारों का कहना है कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और सूचना प्रसारित करना मीडिया की जिम्मेदारी है। यदि पत्रकारों को इसी तरह कटघरे में खड़ा किया जाएगा, तो निष्पक्ष पत्रकारिता करना कठिन हो जाएगा।
फिलहाल यह ऑडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि इस वायरल ऑडियो को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है।

