बदले की आग: तेहरान की सड़कों पर मचा हाहाकार, क्या अमेरिका ने खुद अपने लिए कब्र खोद ली है?
महाविनाश की आहट! ईरान की अमेरिका को ‘भयानक नतीजे’ भुगतने की चेतावनी; मध्य पूर्व में युद्ध का शंखनाद

तेहरान/वाशिंगटन: दुनिया इस वक्त एक बेहद खतरनाक मोड़ पर खड़ी है। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतollah अली खामेनेई की मौत के बाद पश्चिम एशिया (West Asia) में बारूद के ढेर पर चिंगारी लग गई है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका और इजरायल को चुनौती देते हुए कहा है कि इस “कायराना हत्या” का बदला इतना खौफनाक होगा जिसकी कल्पना भी नहीं की गई थी।
ईरान का ‘आर-पार’ का ऐलान: “यह एक बड़ा अपराध है”
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और शक्तिशाली IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) ने एक साझा बयान जारी कर इस घटना को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन और एक “अक्षम्य अपराध” करार दिया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि अब कूटनीति (Diplomacy) का समय खत्म हो चुका है और अब केवल “मैदान-ए-जंग” में जवाब दिया जाएगा।
युद्ध की शुरुआत: अमेरिकी बेस और इजरायल पर मिसाइल वर्षा
ईरान ने केवल धमकी ही नहीं दी, बल्कि कार्रवाई भी शुरू कर दी है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार:
अमेरिकी ठिकानों पर हमला: इराक, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों (US Bases) को ईरान ने अपने कामिकेज़ ड्रोन्स और बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया है।
इजरायल में दहशत: इजरायल के कई शहरों में एयर-रेड सायरन गूंज रहे हैं। ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों ने तेल अवीव सहित कई इलाकों में हलचल मचा दी है।
दुनिया पर मंडरा रहा है संकट
खामेनेई की मौत के बाद ईरान के इस आक्रामक रुख ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है:
कच्चे तेल की कीमतें: खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है।
तीसरे विश्व युद्ध का डर: रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका ने पलटवार किया, तो यह संघर्ष एक बड़े वैश्विक युद्ध का रूप ले सकता है।
भारत पर असर: हिंद महासागर में बढ़ते तनाव और ईरानी युद्धपोत के डूबने से भारत की समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
“ईरान अब शांत बैठने वाला नहीं है। अमेरिका को इस ‘Assassination’ की कीमत अपनी सैन्य मौजूदगी और ग्लोबल साख खोकर चुकानी होगी।” — ईरानी सैन्य प्रवक्ता

