खड़ंजा निर्माण को लेकर चाचा-भतीजे में विवाद, दोनों पक्ष, पुलिस जांच में जुटी

अमेठी। कोतवाली क्षेत्र के कुशीताली गांव में खड़ंजा निर्माण को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच विवाद गहरा गया है। चाचा और भतीजे के बीच शुरू हुआ यह विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। एक पक्ष ने जबरन निर्माण कराने, महिलाओं के साथ अभद्रता और कब्जे की नीयत से काम कराने का आरोप लगाया है, जबकि दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए कराया जा रहा जनहित का कार्य बताया है।
गांव निवासी शिक्षक अरविंद कुमार पांडेय का आरोप है कि शनिवार सुबह कुछ लोग उनके घर के सामने पहुंचे और जबरन खड़ंजा लगाने लगे। उस समय वह जनगणना ड्यूटी के कारण घर पर मौजूद नहीं थे। उनके अनुसार, घर पर मौजूद महिलाओं ने जब निर्माण कार्य का विरोध किया तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष उनके घर के सामने स्थित रास्ते पर कब्जा करने की मंशा से निर्माण कार्य करा रहा है। मामले की शिकायत अमेठी कोतवाली में दर्ज कराई गई है।
वहीं, दूसरे पक्ष के प्रशांत पांडेय ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि शिकायतकर्ता उनके सगे चाचा हैं और दोनों परिवार वर्षों से एक-दूसरे के पड़ोस में रहते हैं। उनके मुताबिक जिस स्थान पर खड़ंजा लगाया गया है, वहां लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई थी, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
प्रशांत पांडेय का कहना है कि संबंधित मार्ग का निर्माण पूर्व में विधायक निधि से आरसीसी सड़क के रूप में कराया गया था, लेकिन समय के साथ सड़क के एक हिस्से में पानी जमा होने लगा। इसी समस्या के समाधान के लिए केवल प्रभावित हिस्से पर खड़ंजा लगाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि निर्माण कार्य का उद्देश्य किसी की भूमि पर कब्जा करना नहीं, बल्कि गांव के लोगों को जलभराव की समस्या से राहत दिलाना है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं।
इधर पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, कुशीताली गांव में खड़ंजा निर्माण को लेकर शुरू हुआ यह पारिवारिक विवाद अब प्रशासनिक जांच का विषय बन चुका है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला जलनिकासी और आवागमन की सुविधा का है या फिर वास्तव में कब्जे को लेकर विवाद खड़ा हुआ है।

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